
औजा बोर्ड (प्लांचेट)
औजा बोर्ड (प्लांचेट) एक उपकरण है जिसका उपयोग आत्माओं से संवाद करने के लिए किया जाता है। इसे अंग्रेजी में “Ouija Board” कहा जाता है। औजा बोर्ड को अक्सर प्लांचेट बोर्ड भी कहा जाता है।
औजा बोर्ड का परिचय
औजा बोर्ड एक प्लेन बोर्ड होता है जिसमें अक्षर, संख्याएँ, और “हाँ,” “नहीं,” “अलविदा,” और कभी-कभी अन्य शब्द भी लिखे होते हैं। इसके साथ एक छोटा तीर के आकार का प्लांचेट (planchette) होता है, जो बोर्ड पर आसानी से सरक सकता है।
औजा बोर्ड का उपयोग
- सेटअप: एक सपाट सतह पर औजा बोर्ड को रखा जाता है। सभी सहभागी बोर्ड के चारों ओर बैठते हैं।
- प्लांचेट का स्थान: प्लांचेट को बोर्ड के बीच में रखा जाता है।
- हाथों की स्थिति: सभी सहभागी अपनी उंगलियों को हल्के से प्लांचेट पर रखते हैं।
- आत्मा का आह्वान: आत्मा से संपर्क करने के लिए प्रश्न पूछे जाते हैं, जैसे “क्या यहाँ कोई आत्मा है जो हमसे बात करना चाहती है?”
- प्रतिक्रिया: अगर आत्मा से संपर्क स्थापित होता है, तो प्लांचेट बोर्ड पर अक्षरों और संख्याओं की ओर बढ़ना शुरू कर देता है, जिससे उत्तर मिलते हैं।
औजा बोर्ड से मिलने वाले उत्तर
- हाँ/नहीं उत्तर: प्लांचेट “हाँ” या “नहीं” की ओर बढ़ सकता है।
- शब्द और वाक्य: प्लांचेट अक्षरों पर जाकर शब्द और वाक्य बना सकता है।
- संख्याएँ: प्लांचेट संख्याओं की ओर जाकर तिथि या अन्य जानकारी प्रदान कर सकता है।
औजा बोर्ड के उपयोग में सावधानियाँ
- सावधानीपूर्वक उपयोग: औजा बोर्ड का उपयोग करते समय सावधानी बरतें, क्योंकि इससे आत्माओं के साथ संपर्क किया जाता है।
- आध्यात्मिक सुरक्षा: उपयोग से पहले और बाद में आध्यात्मिक सुरक्षा उपाय अपनाएँ, जैसे प्रार्थना या सुरक्षा मंत्र।
- सम्मान और संयम: आत्माओं से संवाद करते समय सम्मान और संयम बनाए रखें।
- समाप्ति: सत्र समाप्त करने के लिए “अलविदा” कहना न भूलें और प्लांचेट को बोर्ड से हटा दें।
औजा बोर्ड की उत्पत्ति और इतिहास
औजा बोर्ड का आविष्कार 19वीं सदी में हुआ था और यह तांत्रिक और आध्यात्मिक जगत में बहुत लोकप्रिय हो गया। इसे विशेष रूप से आत्माओं से संपर्क साधने के लिए डिज़ाइन किया गया था और आज भी यह कई लोगों के लिए रहस्यमय और रोचक उपकरण बना हुआ है।
औजा बोर्ड का उपयोग अक्सर मन्नतों, जिज्ञासा, या आत्मिक अन्वेषण के लिए किया जाता है। इसका उपयोग करते समय यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इसे सही तरीके से और सुरक्षित रूप से उपयोग किया जाए। अगर वैज्ञानिक द्रष्टि से देखा जाये तो जो अनुभव प्लांचेट के द्वारा होते है उसका ९०% कारण अंतर्मन ही होता है।